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महिला की चेन छीनने के 48 घंटे में पुलिस ने पकड़े तीन आरोपी, लूट का सोना खरीदने वाला कारोबारी भी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में महिलाओं के गले से सोने की चेन उड़ाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में एक आभूषण कारोबारी भी शामिल है, जिस पर चोरी और लूट के गहने खरीदने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद छीनी गई सोने की चेन कारोबारी तक पहुंचाई जाती थी, जहां उसे तुरंत पिघलाकर दूसरी शक्ल दे दी जाती थी।

सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में गिरोह के तार दूसरे जिलों में सक्रिय अपराधियों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

पूर्व वायुसैनिक की पत्नी से छीनी थी सोने की चेन

पुलिस के मुताबिक, 1 नवंबर को ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के कृष्णाटोली में बाइक सवार बदमाशों ने पूर्व वायुसैनिक की पत्नी के गले से सोने की चेन छीन ली थी। घटना के बाद उनके पति सुशील कुमार पटेल ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के छाता बाजार निवासी आभूषण कारोबारी आयुष कुमार सोनी उर्फ बंटी, अहियापुर के शेखपुर निवासी अंशु राज और मोहित कुमार उर्फ रावण के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके ठिकाने से छीनी गई चेन को गलाकर तैयार किया गया सोने का गोला भी बरामद किया है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि चेन छीनने के बाद उसे आभूषण कारोबारी के पास पहुंचाया जाता था। वहां सोने को पिघलाकर उसका स्वरूप बदल दिया जाता था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाए। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है। इनमें कई संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

बाइक देने के बदले मांगा था 10 प्रतिशत हिस्सा

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक रंधीर नामक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी। आरोप है कि उसने इसके बदले लूटी गई रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा लेने की शर्त रखी थी। वहीं, गिरफ्तार अंशु राज सूतापट्टी की एक दुकान में काम करता है और उसे आदित्य का भाई बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह लूटे गए गहनों की बिक्री से मिलने वाली रकम कारोबारी से लेकर आता था, जिसके बाद गिरोह के सदस्यों के बीच बंटवारा किया जाता था।

फिलहाल सचिन, रंधीर, आदित्य समेत गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।