Crime

खेत के रास्ते को लेकर विवाद में दो की हत्या, पांच दोषियों को उम्रकैद

लातूर। महाराष्ट्र के लातूर जिले में खेत तक जाने वाले रास्ते को लेकर हुए विवाद के दौरान दो लोगों की हत्या और चार अन्य पर जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। नीलंगा के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. पवार ने 29 सितंबर को मामले में फैसला सुनाया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 अक्टूबर 2019 को शिरूर अनंतपाल थाना क्षेत्र के डांगेवाड़ी में सुभाष दयानंद सुडे, दयानंद नामदेव सुडे और अन्य लोग अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में सुभाष सुडे और दयानंद सुडे की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे।

घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 148, 147, 143, 149 और 504 के तहत मामला दर्ज किया। मामले की जांच तत्कालीन पुलिस निरीक्षक परमेश्वर बदाम ने की थी। जांच के दौरान पुलिस ने चश्मदीद और घायल गवाहों के बयान, मेडिकल साक्ष्य तथा जब्ती से जुड़े दस्तावेज जुटाने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 14 गवाह पेश किए। अदालत ने मेडिकल अधिकारी, प्रत्यक्षदर्शियों, घायल गवाहों और जब्ती के पंच गवाहों के बयानों को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। इसके आधार पर अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया।

दोषियों की पहचान ज्ञानोबा अंगद ओनामे, जगन्नाथ विश्वंभर ओनामे, राजकुमार विश्वंभर ओनामे, राम बाबूराव ओनामे और भागवत बाबूराव ओनामे के रूप में हुई है। सभी डांगेवाड़ी, शिरूर अनंतपाल तालुका के निवासी हैं।

अदालत ने आईपीसी की धारा 149 के साथ धारा 302 के तहत प्रत्येक दोषी को उम्रकैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं, धारा 307 के साथ धारा 149 के तहत पांच साल की सजा और 3,000 रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने की अतिरिक्त जेल होगी।

इसके अलावा धारा 148 के तहत तीन साल, धारा 147 के तहत दो साल और धारा 143 के तहत छह महीने की सजा सुनाई गई। अदालत ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कपिल पंढरीकर ने पैरवी की।