नौकरी और बेहतर जिंदगी का लालच देकर नाबालिगों को नेपाल ले जाने की कोशिश, दो गिरफ्तार
सिलीगुड़ी। नौकरी दिलाने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर नेपाल ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के खोड़ीबाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान मिजोरम की रहने वाली दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुजरात निवासी महेश भुरालाल तन्ना और बिहार निवासी नवीन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर नाबालिगों को बहला-फुसलाकर दूसरे देश ले जाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नाबालिग लड़कियों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया गया था। आरोप है कि उन्हें नेपाल में नौकरी दिलाने और बेहतर जीवनशैली उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। इसी लालच में उन्हें सिलीगुड़ी बुलाया गया और बाद में नेपाल ले जाने की योजना बनाई गई।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि लड़कियों से संपर्क किसने किया था, उन्हें सिलीगुड़ी तक कैसे लाया गया और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।
बताया गया कि रविवार रात एक नाबालिग लड़की को कार से पानीटंकी सीमा के रास्ते नेपाल ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता और एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की मदद से वाहन को रोक लिया गया।
कार में सवार लोगों से पूछताछ के दौरान उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संदेह गहरा गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को जानकारी मिली कि दूसरी नाबालिग लड़की को भक्ति नगर थाना क्षेत्र में रखा गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और वहां से भी लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद खोड़ीबाड़ी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि लड़कियों को सुरक्षित बरामद करना प्राथमिकता थी। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर उन्हें नेपाल ले जाने के पीछे क्या उद्देश्य था और क्या इस घटना के तार किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 140(3), 143 और 144 सहित पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
सोमवार को दोनों आरोपियों को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी। मामले की जांच जारी है। पुलिस सोशल मीडिया संपर्कों, यात्रा की योजना और संभावित सहयोगियों से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

