Uttarakhand

बड़ा हादसा- बदरीनाथ धाम से लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, छह लोग थे सवार

जोशीमठ। उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा लौट रहे एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना से हड़कंप मच गया। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। खराब मौसम के बीच घटनास्थल पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन का है, जो बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरकर लौट रहा था। इसी दौरान जोशीमठ क्षेत्र के चाई गांव के ऊपर स्थित सेना कैंप के पास हेलीकॉप्टर की लोकेशन मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि, शुरुआत में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने या आपातकालीन लैंडिंग करने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी।

एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटीं

जिला प्रशासन के मुताबिक, जोशीमठ के उपनिरीक्षक मनोहर कन्याल को एसडीएम जोशीमठ के माध्यम से दोपहर 2:21 बजे हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग की सूचना मिली। इसके बाद एसडीआरएफ की जोशीमठ और पांडुकेश्वर टीमें दोपहर 2:24 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार ने बताया कि मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हेलीकॉप्टर की स्थिति तथा उसमें सवार लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में चुनौतियां आने की आशंका है।

पायलट और पांच यात्रियों के नाम आए सामने

हेलीकॉप्टर में सवार लोगों के रूप में पायलट समेत छह व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। इनमें पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पांच यात्री शामिल हैं।

पायलट:

कैप्टन हिमांशु

यात्री:

प्रताप

अरुण

शंकर गौड़ा

सुधीर के.

एच.एस. नटराज

हादसे के बाद पायलट से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हेलीकॉप्टर की लोकेशन का पता लगाने के लिए ड्रोन की मदद लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, सभी छह लोगों की स्थिति और उनके सुरक्षित होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

मुख्यमंत्री धामी ने घटनाक्रम पर रखी नजर

हेलीकॉप्टर हादसे की सूचना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही। उन्होंने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। मौसम की स्थिति और हेलीकॉप्टर की उड़ान से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में खराब मौसम के बीच हेलीकॉप्टर की उड़ान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मौसम और दुर्घटना के बीच संबंध तथा किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।