पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में सीबीआई के हाथ लगे कई मजबूत सबूत और गवाह
सीबीआई अब भी पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में जुटी हुई है। आए दिन इसमें नए खुलासे हो रहे हैं और नए लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। हाल ही में सीबीआई के हाथ कुछ ऐसे लोगों के शामिल होने की खबर मिली है जो मामले को नया रुख दे सकती है। दरअसल, सीबीआई ने ऐसे कई सरकारी अधिकारियों व वरिष्ठ शिक्षकों की शिनाख्त की है जो इस गोरखधंधे में लिप्त थे। सीबीआई जल्द ही इनको पूछताछ के लिए बुलाने वाली है।
गैर-कानूनी काम के लिए बना है चेन सिस्टम
सीबीआई का कहना है कि शिक्षकों की गैरकानूनी तरीके से नियुक्ति के लिए एक चेन सिस्टम तैयार किया गया था। जिसमें कई लोग शामिल हैं। यहां पर गैर-कानूनी तौर पर शिक्षकों की भर्ती तो की ही जाती है साथ ही पहले से कार्यरत शिक्षकों का पैसे की एवज पर तेजी से प्रमोशन और मनपसंद जगह पर तबादला कराने का काम भी किया जाता था। साथ ही पुलिस को इस बात के सबूत भी मिल गए हैं कि ये सारे काम शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार हो चुके बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के इशारे पर हुआ करता था।
तीन अधिकारियों का नाम आया सामने
सीबीआई द्वारा बताया गया है कि पार्थ चटर्जी के कहने पर स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के पूर्व अध्यक्ष सुबीरेश भट्टाचार्य, एसएससी की सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शांति प्रसाद सिन्हा और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली इन सरकारी अधिकारियों व शिक्षकों से काम करवाते थे।
सीबीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गैर-कानूनी तौर नियुक्त शिक्षकों से सीबीआई पिछले एक महीने से लगातार पूछताछ कर रही थी। अब जल्द ही सीबीआई तीनों को तलब करने की तैयारी कर रही है और इन सबको सरकारी गवाह भी बनाया जा सकता है। उन्हीं शिक्षकों से इन तीनों के बारे में पता चला है। ये सभी पार्थ चटर्जी, सुबीरेश भट्टाचार्य, शांति प्रसाद सिन्हा और कल्याणमय गांगुली के करीबी बताए जा रहे हैं।

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