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यूके में पढ़ाई कराने का झांसा देकर 17.50 लाख रुपये ठगे, दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज

यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर में युवती को उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजने का भरोसा देकर 17.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दो लोगों ने विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर रकम और जरूरी दस्तावेज लिए, लेकिन करीब दो महीने तक वीजा नहीं लगवाया। पैसे वापस मांगने पर भी आरोपियों ने रकम लौटाने में आनाकानी की। शिकायत के आधार पर थाना छप्पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव पंजौरा निवासी निसार मोहम्मद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की शिक्षा के लिए यूके जाना चाहती थी। इसी सिलसिले में जनवरी 2026 में उनकी बातचीत भगवानपुर निवासी रियासत अली से हुई।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, रियासत अली ने अपने साथी अरुण कुमार के साथ मिलकर विद्यार्थियों को विदेश भेजने का काम करने की बात कही। दोनों ने युवती को यूके भेजने की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया और इसके लिए शुरुआत में आठ लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी।

परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने युवती का पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास ले लिए। इसके अलावा, कुछ खाली कागजों और स्टांप पेपर पर भी हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद परिवार ने अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों को रकम दी।

शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपियों ने अतिरिक्त पैसों की मांग की, जिसके चलते परिवार ने साढ़े नौ लाख रुपये और दे दिए। इस तरह कुल रकम 17.50 लाख रुपये तक पहुंच गई।

परिवार का कहना है कि करीब दो महीने बीतने के बाद भी युवती का वीजा नहीं आया। इस पर उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस करने और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज लौटाने को कहा। आरोप है कि दोनों लगातार टालमटोल करते रहे और दस्तावेज लौटाने से भी इनकार कर दिया।

इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की। थाना छप्पर पुलिस ने रियासत अली और अरुण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मामले में लेन-देन, दस्तावेजों और विदेश भेजने के लिए किए गए कथित समझौते से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।