Uttarakhand

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने डिजिटल भुगतान प्रणाली (सीबीडीसी) के अनुदान वितरण प्रक्रिया का किया शुभारम्भ

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के तहत (CBDC) के माध्यम से अनुदान वितरण प्रणाली का शुभारंभ किया

देहरादून। सुबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैम्प कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत डिजिटल भुगतान प्रणाली सीबीडीसी के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का विधिवत शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने कृषकों के खातों में प्रतीकात्मक रूप से डिजिटल भुगतान कर डिजिटल भुगतान प्रणाली सीबीडीसी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस स्थापना योजना में किसानों को शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ लाभान्वित करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। विभाग द्वारा आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग के तहत सेब की अति सघन बागवानी और कीवी नीति में डिजिटल भुगतान के माध्यम से अनुदान वितरण की व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस निर्माण कार्य पूर्ण होने और सत्यापन तक सीबीडीसी वाउचर की राशि ‘लॉक्ड स्टेटस’ में रहेगी। सत्यापन के बाद संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में भुगतान किया जाएगा, जिससे धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 50 से 100 वर्गमीटर आकार के छोटे पॉलीहाउस के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 304.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अनुदान तीन किस्तों में सीबीडीसी वाउचर के माध्यम से दिया जाएगा।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों एवं कंपनियों का पंजीकरण किया गया है और किसान अपनी सुविधा अनुसार किसी भी पंजीकृत फर्म के माध्यम से पॉलीहाउस निर्माण करा सकते हैं। साथ ही डिजिटल वॉलेट के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से पहुंचेगी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी गति प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं का भुगतान सीबीडीसी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ देने के लिए ब्लॉक स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, आईटीडीए के निदेशक आलोक कुमार पाण्डेय, आरबीआई से अरविन्द कुमार, यूनियन बैंक के अर्चना शुक्ला, प्रांजल वाजपेयी, नाबार्ड के डीजीएम अभिनव कापड़ी, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डा0 रतन कुमार, महेन्द्र पाल, नरेन्द्र यादव, कैप निदेशक नृपेन्द्र चौहान सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण एवं किसान उपस्थित रहे।