लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ शनिवार को खुले कपाट
परंपरानुसार पुलना भ्यूंडार घाटी के ग्रामीणों ने पुजारी भगवती प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में लोकपाल लक्ष्मण पहुंचकर मंदिर को फूलों से सजाने का कार्य किया। साथ ही मंदिर में सफाई आदि की। इस कार्य के लिए हनुमान जंयती के साथ कृष्ण एकादशी का दिन शुभ माना जाता है।
विधिवत पूजा-अर्चना के बाद खुले कपाट
शुक्रवार को लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के मुख्य द्वार को पुजारी व भ्यूंडार पुलना के ग्रामीणों की मौजूदगी में खोलकर फूलों से मंदिर को सजाने का कार्य शुरू हुआ। पुजारी भगवती प्रसाद पांडेय सहित स्थानीय ग्रामीणों ने पवित्र हेमकुंड सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर कृष्ण द्वादशी के शुभ मूर्हत पर शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट खोले।
समुद्रतल से 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर को शास्त्रों में त्रेता युग का तीर्थ माना जाता है। अयोध्या से निर्वासन के बाद लक्ष्मण ने शेषनाग के अवतार में यहां पर तपस्या की थी।
