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मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अर्जी पर विचार से इनकार, हाईकोर्ट जाने की मिली सलाह

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। वहीं, इससे पहले सोमवार को ईडी मामले में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद सिसोदिया ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

आप नेता ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जमानत पर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछली शराब नीति के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं सिसोदिया: HC

अदालत ने सिसोदिया की जमानत खारिज करते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया शक्तिशाली व्यक्ति हैं, अगर उन्हें जमानत मिलती है तो वह गवाहों को प्रभावित करेंगे।

अदालत ने सिसोदिया की जमानत खारिज करते हुए  कहा कि मनीष सिसोदिया शक्तिशाली व्यक्ति हैं, अगर उन्हें जमानत मिलती है तो वह गवाहों को प्रभावित करेंगे।

ट्रायल कोर्ट ने पहले खारिज कर दी थी याचिका

ट्रायल कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, “अदालत मामले की जांच के इस चरण में उन्हें जमानत पर रिहा करने के लिए इच्छुक नहीं है, क्योंकि उनकी रिहाई चल रही जांच पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है और प्रगति को गंभीर रूप से बाधित कर सकती है।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार (23 मई) को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी घोटाले में सिसोदिया की न्यायिक हिरासत एक जून तक के लिए बढ़ा दी थी। उन्हें आबकारी घोटाले से जुड़े ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने पर कोर्ट में पेश किया गया था।

इस दौरान मनीष सिसोदिया ने कोर्ट से कुर्सी, टेबल और किताबें उपलब्ध कराने की मांग की। कोर्ट ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वह अध्ययन के उद्देश्य से कुर्सी, टेबल और किताबें प्रदान करने के सिसोदिया के अनुरोध पर विचार करें।

फरवरी में गिरफ्तार हुए थे सिसोदिया

बता दें कि सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ करते हुए जेल से गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में सिसोदिया न्यायिक हिरासत में हैं।

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