Headline
सिनेमाघरों में नहीं चला मोहनलाल की फिल्म  ‘एल 2 एम्पुरान’ का जादू, लगातार घट रही कमाई
सिनेमाघरों में नहीं चला मोहनलाल की फिल्म  ‘एल 2 एम्पुरान’ का जादू, लगातार घट रही कमाई
कुछ लोगों की निजी जागीर बनकर रह गया था वक्फ बोर्ड- महाराज
कुछ लोगों की निजी जागीर बनकर रह गया था वक्फ बोर्ड- महाराज
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, डीएम के सतत् प्रयास, मुख्यधारा में लौटते बच्चे
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, डीएम के सतत् प्रयास, मुख्यधारा में लौटते बच्चे
वक्फ बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने- सामने
वक्फ बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने- सामने
क्या आप भी हैं फैटी लिवर की समस्या से परेशान, तो आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय
क्या आप भी हैं फैटी लिवर की समस्या से परेशान, तो आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय
खेल मंत्री रेखा आर्या की केंद्रीय मंत्री मेघवाल से मुलाकात
खेल मंत्री रेखा आर्या की केंद्रीय मंत्री मेघवाल से मुलाकात
भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं – मुख्यमंत्री धामी
भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं – मुख्यमंत्री धामी
कुट्टू के आटे पर निगरानी अभियान जारी, खुले में आटे की ब्रिकी पर लगा अंकुश
कुट्टू के आटे पर निगरानी अभियान जारी, खुले में आटे की ब्रिकी पर लगा अंकुश
कैंसर संस्थान सहित पांच मेडिकल कॉलेजों को मिले नर्सिंग अधिकारी
कैंसर संस्थान सहित पांच मेडिकल कॉलेजों को मिले नर्सिंग अधिकारी

केदारनाथ उपचुनाव- भाजपा ने महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल को बनाया प्रत्याशी

केदारनाथ उपचुनाव- भाजपा ने महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल को बनाया प्रत्याशी

केदारनाथ में आशा नौटियाल व मनोज रावत के बीच होगी टक्कर

देहरादून। केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक आशा नौटियाल को प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2017 के बाद वह एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में वह केदारनाथ विस की पहली विधायक चुनी गईं, तब वह भाजपा से प्रत्याशी थीं। वर्ष 2007 में भी उन्हें क्षेत्रीय जनता ने अपना विधायक चुना था। इसके बाद दो बार चुनाव में उन्हें पराजय मिली। ऊखीमठ विकासखंड के दिलमी गांव निवासी आशा नौटियाल एक सामान्य परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पति रमेश नौटियाल पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। वह वर्ष 1996 में पहली बार ऊखीमठ वार्ड से निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं।

इसके बाद वर्ष 1997-98 में उन्हें भाजपा ने जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी और वर्ष 1999 में उन्हें महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चुना गया। सौम्य व्यवहार और निरंतर जनसंपर्क की वजह से वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में आशा नौटियाल को भाजपा ने केदारनाथ विस से प्रत्याशी बनाया और वह विजयी हुईं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी दिवंगत विधायक शैलारानी रावत को पराजित किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top