जम्मू-कश्मीर में बलिदान हुए जवान के पिता का हौसला देख हर कोई कर रहा सलाम
आर्मी में कब भर्ती हुए थे दिनेश
देश की सुरक्षा के लिए ऐसे सौ बेटे कुर्बान। दिनेश 2014 में आर्मी में भर्ती हुए थे। पिछले 11 सालों में दिनेश की पोस्टिंग देश के कई राज्यों में रही। इन दिनों वह जम्मू के पुंछ में थे।
दिनेश के परिवार में कौन-कौन है?
हाल ही में उनका लांस नायक के पद पर प्रमोशन हुआ था। दिनेश अपने परिवार में पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई कपिल और हरदत्त भी अग्निवीर योजना के तहत सेना में हैं।एक भाई पुष्पेंद्र पढ़ाई कर रहा है और विष्णु खेती में पिता का साथ देते हैं। बलिदानी दिनेश की पत्नी सीमा पेशे से अधिवक्ता है और पलवल कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। वह गर्भवती हैं। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी है।
यात्रा में बिलदानी दिनेश अमर रहें। भारत माता की जय के लग रहे नारे।
16 जनवरी को छुट्टी पर घर आए थे दिनेश
दिनेश कुमार 16 जनवरी 2025 को छुट्टी पर घर आए थे। दो मार्च को वह अपनी ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। दिनेश कुमार के साथ हुई घटना की जानकारी सबसे पहले गांव निवासी उनके दोस्त प्रमोद को फोन पर मिली थी।
दिनेश के बलिदान होने की खबर सुनते ही उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। देर रात से लेकर अब तक परिवार से मिलने आने वालों का तांता लगा हुआ है।
