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जम्मू-कश्मीर में बलिदान हुए जवान के पिता का हौसला देख हर कोई कर रहा सलाम

पलवल। जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की गोलीबारी के दौरान बलिदान हुए लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा के मोहम्मदपुर गांव में मातम छाया हुआ है। बलिदान हुए लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा का पार्थिव शरीर थोड़ी देर में उनके गांव मोहम्मदपुर पहुंचने वाला है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आर्मी में कब भर्ती हुए थे दिनेश

युद्ध के हालात को देखते हुए हवाई सेवा बंद होने के कारण उनका पार्थिव शरीर सड़क के रास्ते लाया जा रहा है। बलिदानी दिनेश के किसान पिता दयाराम ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। 

मोहम्मदपुर गांव स्थित घर में बलिदानी दिनेश कुमार के बच्चे अपने दादा दयाचंद के साथ।
देश की सुरक्षा के लिए ऐसे सौ बेटे कुर्बान। दिनेश 2014 में आर्मी में भर्ती हुए थे। पिछले 11 सालों में दिनेश की पोस्टिंग देश के कई राज्यों में रही। इन दिनों वह जम्मू के पुंछ में थे।

पलवल: बलिदानी दिनेश कुमार के अंतिम संस्कार में पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, प्रदेश में खेल मंत्री गौरव गौतम, मंत्री राजेश नागर, मंत्री विपुल गोयल व अन्य नेतागण।
 

दिनेश के परिवार में कौन-कौन है?

हाल ही में उनका लांस नायक के पद पर प्रमोशन हुआ था। दिनेश अपने परिवार में पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई कपिल और हरदत्त भी अग्निवीर योजना के तहत सेना में हैं।एक भाई पुष्पेंद्र पढ़ाई कर रहा है और विष्णु खेती में पिता का साथ देते हैं। बलिदानी दिनेश की पत्नी सीमा पेशे से अधिवक्ता है और पलवल कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। वह गर्भवती हैं। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी है।

 

यात्रा में बिलदानी दिनेश अमर रहें। भारत माता की जय के लग रहे नारे।

16 जनवरी को छुट्टी पर घर आए थे दिनेश

दिनेश कुमार 16 जनवरी 2025 को छुट्टी पर घर आए थे। दो मार्च को वह अपनी ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। दिनेश कुमार के साथ हुई घटना की जानकारी सबसे पहले गांव निवासी उनके दोस्त प्रमोद को फोन पर मिली थी। 

दिनेश के बलिदान होने की खबर सुनते ही उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। देर रात से लेकर अब तक परिवार से मिलने आने वालों का तांता लगा हुआ है।

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