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 नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से हर कोई परेशान है। हालांकि, भारत ने इसको लेकर अपना जवाब साफ तौर पर रख दिया है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान से साफ कर दिया है कि भारत झुकने वाला नहीं है। ट्रंप के टैरिफ वॉर को लेकर कई एक्सपर्ट्स के भी बयान सामने आए हैं।

इन्हीं में से एक दक्षिण-एशियाई एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन ने कहा कि ट्रंप का टैरिफ लगाना केवल दबाव का एक यंत्र है। वो भारत पर दबाव डालकर रूस से तेल खरीद पर रोक लगाना चाहते हैं। या उसके और भी कारण हो सकते हैं।

दोस्तों को भी नहीं छोड़ रहे ट्रंप

माइकल कुगेलमैन ने कहा कि रूस को नुकसान पहुंचाने या कहें कि युद्ध रुकवाने के लिए ट्रंप अपने करीबी पार्टनर्स को भी नहीं छोड़ रहे। जैसे कि भारत पर भी ट्रंप इसलिए टैरिफ लगा रहे हैं ताकि भारत, रूस से तेल खरीद कम करे और अमेरिका से तेल खरीद को बढ़ाए।

पीएम मोदी के सीजफायर पर जवाब से खफा है ट्रंप

वहीं, उन्होंने कहा कि इसका दूसरा कारण ये भी हो सकता है कि ट्रंप अब पर्सनल हो रहे हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि भारत द्वारा ट्रंप को भारत-पाक संघर्ष रुकवाने का क्रेडिट न दिए जाने पर भी वो नाराज हो गए हैं और वो अपना ईगो सेटिस्फाई कर रहे हैं।

माइकल कुगेलमैन ने कहा कि ट्रंप उस फोल कॉल से भी नाराज है, जब पीएम मोदी ने साफ कहा कि किसी तीसरे देश ने सीजफायर करवाने में मदद नहीं की। ट्रंप इस रिजेक्शन से भी खफा हैं।

बता दें कि अमेरिकी टैरिफ पर भारत के कड़े प्रतिकार के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। वह उसी अंदाज में भारत को धमकी देना जारी रखे हुए हैं। अब ट्रंप ने भारत को एक खराब कारोबारी साझेदार देश बताते हुए अगले 24 घंटे में टैरिफ की दरों में और वृद्धि करने की बात कही है। एक अगस्त को ही ट्रंप ने भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत टैक्स लगाने के अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए थे और अब कहा है कि वह शुल्क की दर को काफी ज्यादा बढ़ाने जा रहे हैं।

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