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दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे ब्लॉक, कई सड़कें भी जाम

पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने शंभू रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है। बुधवार दोपहर से किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ हुए हैं। पंजाब पुलिस ने उन्हें रोकने की भरसक कोशिश की, मगर किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और ट्रैक पर धरना लगाकर बैठ गये। किसान सरकार से युवा किसान नवदीप सिंह जलबेड़ा समेत तीन किसानों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। आज सुबह से बड़ी तादाद में किसान शंभू रेलवे स्टेशन पर मौजूद हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसानों द्वारा शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक जाम करने से 50 से ज्यादा ट्रेन प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनों को पूरी तरह से कैंसिल कर दिया गया है। जबकि कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। किसान नेताओं ने ऐलान कर दिया कि जब तक युवा किसानों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक रेल मार्ग बंद रहेगा। जल्द ही हरियाणा और पंजाब में धरने के पॉइंट बढ़ा दिए जाएंगे।

एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर किसान 13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान हरियाणा पुलिस ने नौजवान किसान नवदीप सिंह जलबेड़ा, गुरकीरत सिंह शाहपुर और अनीश खटकड़ को गिरफ्तार कर लिया था। आंदोलनकारी किसान इनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं।

किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कहा कि सरकार ने भरोसा देकर भी उन्हें रिहा नहीं किया। हमारा किसान साथी जेल में मरणव्रत पर बैठा है। जब तक सरकार उसे रिहा नहीं करती, हम ट्रैक खाली नहीं करेंगे। आम लोगों की परेशानी को लेकर डल्लेवाल ने कहा कि हमारा साथी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है, इसमें लोग हमें सहयोग करें।

किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम रेल नहीं रोकना चाहते थे, मगर सरकार ने इसके लिए मजबूर किया। सरकार ने 16 अप्रैल तक रिहाई का भरोसा देकर वादाखिलाफी की है। जब हमारे किसानों को रिहा नहीं किया गया, तो हमने रेल ट्रैक पर बैठने का फैसला किया। पंढेर ने कहा है कि अगर आने वाले दिनों में तीनों किसानों को रिहा नहीं किया तो वे और अधिक रेल पटरियों पर बैठ जाएंगे।

आंदोलनकारी किसानों ने 9 अप्रैल को शंभू रेलवे स्टेशन पर रेल मार्ग जाम करने का ऐलान किया था। फिर पंजाब और हरियाणा प्रशासन ने मीटिंग कर किसानों को भरोसा दिलाया गया कि 16 अप्रैल तक सभी किसानों को रिहा कर दिया जाएगा। लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया तो किसान रेलवे ट्रैक पर उतर आए। पंजाब पुलिस ने किसानों को रेलवे ट्रैक पर जाने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन किसान वहां पहुंच गए और अंबाला-लुधियाना रेल ट्रैक जाम कर दिया।

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