संसद में बवाल, विपक्ष ने बजट को बताया भेदभावपूर्ण, मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
राज्यसभा में आज केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर चर्चा होगी। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट पर भी बातचीत होगी। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट को पक्षपाती और गरीब विरोधी बताया है। ऐसे में आज इन मुद्दों को लेकर सदन में गहमागहमी देखने को मिल सकती है।
सरकार ने देश के निवेशकों को पंगु बना दिया: राघव चड्ढा
आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “इस बजट से लगभग सभी लोग निराश हैं, सिवाय दो लोगों, नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के। सभी आर्थिक रिपोर्ट यह निष्कर्ष निकालती हैं कि आय नहीं बढ़ रही है, लेकिन देश में कीमतें बढ़ रही हैं। सरकार ने देश के निवेशकों को पंगु बना दिया है। इस बजट ने समाज के सभी वर्गों को नाराज कर दिया है। इस बजट में लाए गए दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त किया जाना चाहिए।”
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “पूरा देश बजट से परेशान है। सभी राज्यों के लोग परेशान हैं क्योंकि भाजपा उनके बुनियादी मुद्दों को हल करने में विफल रही है। इस बजट में सरकार की मजबूरी साफ दिखाई दे रही है। आई.एन.डी.आई. ब्लॉक बजट में किए गए अन्याय के खिलाफ विरोध कर रहा है।”
आम बजट पर तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने कल पेश किए गए केंद्र सरकार के बजट को गठबंधन के लिए समझौता बताया है। उन्होंने कहा है कि इस बजट में तमिलनाडु की अनदेखी की गई है और राज्य के साथ विश्वासघात हुआ है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि 27 जुलाई को होने वाली नीति आयोग की बैठक में वो शामिल नहीं होंगे।
आम बजट पर क्या बोले शशि थरूर?
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ” इस बजट में अधिकांश राज्यों के लिए इसमें बहुत कम है। केरल से कुछ उम्मीदें थीं, खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में लेकिन वे सभी पूरी नहीं हुईं। हर राज्य के पास बताने के लिए अपने-अपने मुद्दे हैं।”
सरकार बजट के जरिए गठबंधन सहयोगियों की मदद कर रही: अखिलेश यादव
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “हम सब मांग कर रहे थे कि किसानों को एमएसपी मिले, लेकिन समर्थन मूल्य किसानों को नहीं, बल्कि अपनी सरकार बचाने वाले गठबंधन सहयोगियों को दिया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई। उत्तर प्रदेश को कुछ नहीं मिला। डबल इंजन की सरकार से यूपी को दोहरा लाभ मिलना चाहिए था। मुझे लगता है कि लखनऊ के लोगों ने दिल्ली के लोगों को नाराज कर दिया है। इसका नतीजा बजट में दिख रहा है। तो डबल इंजन का क्या फायदा?”
