गुजरात अधिवेशन से पहले CWC की बड़ी बैठक, जिला अध्यक्षों को मिल सकती नई ताकत
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अधिवेशन से एक दिन पहले मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक होगी। इसमें पार्टी की रणनीति और आने वाले विधानसभा चुनाव पर चर्चा होगी। बैठक में पार्टी के भविष्य की रूपरेखा, मुख्य राष्ट्रीय मुद्दों और संगठनात्मक मजबूती पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। बता दें कि सीडब्ल्यूसी कांग्रेस में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।
कांग्रेस जिला अध्यक्षों को मिल सकती नई ताकत
बैठक का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल स्मारक पर किया जाएगा। इसमें लगभग 170 नेताओं के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक सीडब्ल्यूसी अधिवेशन में पारित किए जाने वाले प्रस्तावों पर भी चर्चा कर सकती है।
उम्मीद है कि संगठनात्मक फेरबदल से जुड़े कुछ अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं। इसके तहत कांग्रेस जिला अध्यक्षों को अधिक अधिकार मिलेंगे और उनकी जवाबदेही भी तय होगी। पार्टी इस साल और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से जुड़ी अपनी रणनीति को भी अंतिम रूप देगी।
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में सदस्य, स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस संसदीय दल के नेता, परिषद के नेता, केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के सदस्य, कांग्रेस संसदीय दल कार्यालय के पदाधिकारी, पूर्व मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे।
आजादी के बाद गुजरात में कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन
अहमदाबाद में 8 और 9 अप्रैल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन होगा। यह गुजरात में कांग्रेस का छठा और आजादी के बाद दूसरा अधिवेशन होगा। वहीं 1885 में कांग्रेस के गठन के बाद से यह अहमदाबाद में कांग्रेस का तीसरा अधिवेशन भी होगा।
अधिवेशन में 1700 से अधिक सदस्य लेंगे हिस्सा
कांग्रेस ने बताया कि अहमदाबाद अधिवेशन का विषय “न्यायपथ: संकल्प, समर्पण और संघर्ष” है। इसमें 1700 से अधिक निर्वाचित और सह-चुने हुए एआईसीसी सदस्य 9 अप्रैल को साबरमती आश्रम और कोचरब आश्रम के बीच साबरमती नदी के तट पर मुख्य सम्मेलन में भाग लेंगे। अधिवेशन में कई अहम प्रस्तावों के पारित होने की उम्मीद है।इस साल महात्मा गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने की 100वीं वर्षगांठ और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती है। दोनों नेता गुजरात में जन्मे थे। इस लिहाज से कांग्रेस का गुजरात से ऐतिहासिक संबंध है।
