Crime

डंकी रूट से विदेश भेजने के नाम पर युवक को फंसाने वाले आरोपी को पांच साल की जेल, 32 हजार रुपये का जुर्माना

चंपावत। विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर युवक को अवैध तरीके से दूसरे देश भेजने के मामले में चंपावत जिला सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने गुजरात निवासी आरोपी जयदीप रामजी टुकड़िया उर्फ जय जोशी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कारावास और 32 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामले की शुरुआत बनबसा क्षेत्र के गुदमी भैंसाझाला निवासी गजेंद्र सिंह सौन की शिकायत से हुई थी। उन्होंने 5 जून 2024 को पुलिस को बताया कि उनका बेटा ललित सिंह सौन दिल्ली से बैंकॉक गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसका कोई पता नहीं चल पाया। कुछ समय बाद जानकारी मिली कि ललित म्यांमार में चीन की ओर से लीज पर लिए गए एक द्वीप पर मौजूद है। इस दौरान उसने वहां प्रताड़ित किए जाने की शिकायत भी की थी।

शिकायत के आधार पर बनबसा पुलिस ने 10 जुलाई 2024 को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान राहुल कुमार उपाध्याय और गुजरात के पोरबंदर निवासी जयदीप रामजी टुकड़िया उर्फ जय जोशी का नाम सामने आया। पुलिस ने जयदीप को गुजरात से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर चंपावत लाकर 15 सितंबर 2024 को अदालत में पेश किया। वहीं, दूसरा आरोपी राहुल कुमार उपाध्याय अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका।

पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद जिला सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया गया। साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने जयदीप रामजी टुकड़िया को दोषी ठहराते हुए पांच साल की कैद और 32 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही, जेल में पहले से बिताई गई अवधि को उसकी मुख्य सजा में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केएस राणा ने पैरवी की।