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आगरा में चाय विक्रेता से 16.50 लाख की साइबर ठगी, बैंक अधिकारी और पुलिस बनकर डराया

आगरा- आगरा में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां चाय की ठेल लगाने वाले युवक को पहले बैंक प्रतिनिधि बनकर रकम का लालच दिया गया और बाद में पुलिस अधिकारी बनकर डराया गया। जून से सितंबर के बीच चली इस ठगी में साइबर अपराधियों ने ताजगंज के बल्देव नगर निवासी अमन कुमार से कुल 16.50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

अमन कुमार के मुताबिक, जून में उनके पास अशोक मल्होत्रा नाम के व्यक्ति का फोन आया। बातचीत के दौरान उसने दावा किया कि कोलकाता की एक बैंक में अमन के नाम पर 4.10 लाख रुपये जमा हैं और वह रकम उन्हें दिलाने में मदद कर सकता है। इसके बाद विजय राठौर नामक व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक प्रतिनिधि बताया और रकम हासिल करने के लिए यूपीआई खाता बनाने की बात कही।

अमन ने बताया कि आरोपियों की बातों में आकर उन्होंने अपनी रोजाना की कमाई बताए गए यूपीआई खाते में भेजनी शुरू कर दी। जब उन्हें वादा की गई रकम नहीं मिली तो अशोक मल्होत्रा ने दोबारा संपर्क किया। उसने खुद के इटली से मुंबई आने की बात कही और विदेशी मुद्रा से जुड़ी परेशानी बताकर अमन से दोबारा रकम ट्रांसफर करा ली।

इसके बाद ठगी का तरीका और डरावना हो गया। एक वीडियो कॉल में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नजर आया और खुद को अधिकारी बताया। उसने अमन से कहा कि उनके बैंक खातों में पैसे से जुड़ा घोटाला पकड़ा गया है। आरोपियों ने कार्रवाई और जेल भेजने का डर दिखाते हुए अमन से और पैसे ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस के अनुसार, इस तरह अलग-अलग चरणों में अमन से कुल 16.50 लाख रुपये की ठगी की गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।