Business

एक शहर में सरकार ने रद्द कर दिए 40 हजार राशन कार्ड

राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल एक ही शहर में सरकार की ओर से एक दो नहीं बल्कि 40 हजार राशन कार्डों को रद्द कर दिया है. ऐसे में अगर आप भी राशन कार्ड धारक हैं तो आपके लिए यह खबर काफी काम की हो सकती है. ये फैसला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लिया गया है. यहां पर सत्यापन जांच के दौरान कई लोगों के राशन कार्डों को रद्द किया जा रहा है. बता दें कि अब जिन लोगों को राशन कार्ड कैंसिल किए गए हैं उनकी जगह अब नए लोगों को राशन कार्ड मुहैया करवाए जाएंगे. हालांकि ये प्रक्रिया नए आवेदन के जरिए ही पूरी की जाएगी.

राशन कार्ड को कैंसिल करने के पीछे बड़ी वजह कार्ड धारकों की पहचान और सत्यापन है. कार्ड पर दिए पते फर्जी थे और सत्यापन में भी यह गलत साबित हो रहे थे. दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तीन महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्ड धारकों की भी जांच कर रहे हैं.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अकेले 19 लाख राशन कार्ड धारक हैं. इन लोगों पर कुल 71 लाख लोगों के मुताबिक राशन बांटा जाता है. दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन के मुताबिक जिन लोगों के राशन कार्ड बने हैं वे राशन केंद्रों से राशन ले सकते हैं.

किसी भी तरह की राशन कार्ड धारकों को इस प्रक्रिया से दिक्कत नहीं होनी चाहिए. वहीं मंत्री हुसैन के मुताबिक फिलहाल दिल्ली में राशन कार्ड बनाए जाने का कोटा भी पूरा हो चुका है. 40 हजार कार्ड रद्द होने के बाद अब इतने कार्ड दोबारा बनाए जाएंगे. इसमें आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, पात्र लोग इसके लिए आवेदन कर सकेंगे.

बता दें कि कुल 1 वर्ष यानी 12 महीने में दिल्ली में कुल 40 हजार राशन कार्ड को रद्द किया गया है. सत्यापन की प्रक्रिया राशन कार्ड धारकों के घर-घर जाकर की जाती है. ऐसे में जिन लोगों के कार्ड की जानकारी गलत पाई गई उनके कार्ड कैंसिल कर दिए गए हैं. इनमें से ज्यादातर कार्ड धारक अपने कार्ड पर दिए पते पर मौजूद ही नहीं थे. यही वजह रह कि इनके कार्ड को कैंसिल किया गया है.

कहीं आपका नाम भी तो नहीं
अगर आप भी दिल्ली में राशन कार्ड धारक हैं तो आप खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने कार्ड का स्टेटस चेक कर सकेत हैं. कहीं आपका नाम भी रद्द कार्ड की सूची में तो शामिल नहीं है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *