योगी के बाद देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शुमार पुष्कर सिंह धामी
देहरादून: मुख्यमंत्री धामी की लोकप्रियता पर सबसे ज्यादा 51.1 प्रतिशत लोगों ने मुहर लगाई है, जो उनकी जनता के बीच प्रभावशाली उपस्थिति को दर्शाता है।
योगी आदित्यनाथ के बाद पुष्कर सिंह धामी सबसे लोकप्रिय सीएम हैं
देश के युवा मुख्यमंत्रियों में अग्रणी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा शासित राज्यों में अपनी लोकप्रियता की छाप फिर से छोड़ी है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद धामी देशभर में दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में उभरे हैं। उनकी अलग और प्रभावशाली छवि कड़े फैसलों और राज्य के विकास के लिए उठाए गए कदमों से बनी है विशेषकर मातृशक्ति और युवा वर्ग में। मुख्यमंत्री धामी के निर्णयों ने उन्हें राज्य के हित में एक प्रिय नेता के रूप में स्थापित किया है। सीएम धामी को 51.1 प्रतिशत जनता ने पोल में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में चुना है। इसके अलावा पोल के दौरान जनता ने कमेंट करके मुख्यमंत्री धामी के फैसलों और कार्यशैली की खुलकर सराहना की है।
मोदी और अमित शाह के बाद सबसे ज्यादा फेसबुक फॉलोवर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देश के ताकतवर भारतीयों की सूची में 61वां स्थान प्राप्त कर अपनी प्रभावशाली स्थिति को दर्शाया। विकास कार्यों के क्षेत्र में भी नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देशभर में पहला स्थान दिलाकर उन्होंने अपनी लोकप्रियता को और बढ़ाया है। मुख्यमंत्री धामी की आम लोगों और सोशल मीडिया में भी काफी लोकप्रियता है। कुछ माह पूर्व वे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के बाद देश में सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेताओं की सूची में शामिल हो चुके हैं और उनके फेसबुक पेज पर फॉलोवर्स की संख्या एक करोड़ से पार कर चुकी है।
मुख्यमंत्री धामी की विशेष उपलब्धियों ने बनाई नई पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने तीन साल के कार्यकाल में कई उल्लेखनीय निर्णय लिए हैं, जिनमें देश का पहला सख्त नकलरोधी कानून और उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना शामिल है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने और लैंड जिहाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए, साथ ही दंगारोधी और धर्म परिवर्तन कानून बनाए। सिलक्यारा सुरंग आपदा, जोशीमठ और केदारनाथ आपदाओं के प्रबंधन में उनकी कुशलता और स्थानीय समस्याओं के समाधान में उनकी सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। इसके अलावा उन्होंने लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांचों सीटों पर रिकॉर्ड जीत दिलाई, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता में और इजाफा हुआ है। इन सभी प्रयासों ने उन्हें एक सक्षम और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया है।
